20 वर्षों में भी शीर्ष अदालत के आदेश का पालन नहीं कर सके स्वास्थ्य अधिकारी - शहरे अमन

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Jul 16, 2022

20 वर्षों में भी शीर्ष अदालत के आदेश का पालन नहीं कर सके स्वास्थ्य अधिकारी

करारी थाना क्षेत्र के फरीदनपुर गांव में संचालित अवैध क्लीनिक झोलाछाप कथित डॉक्टर की महिलाओं ने की डीएम से शिकायत

कौशाम्बी | शीर्ष अदालत ने दो दशक पूर्व झोलाछाप डॉक्टर के प्रैक्टिस पर पूर्ण रोक लगाने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है लेकिन शीर्ष अदालत का निर्देश कौशाम्बी जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं मानते हैं जिले में बेखौफ तरीके से झोलाछाप डॉक्टर मरीजों के इलाज के नाम पर उनका शोषण कर रहे हैं मरीज और उनके परिजन झोलाछाप डॉक्टर की बार बार स्वास्थ्य अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के लोग झोलाछाप डॉक्टर पर कार्यवाही करते नहीं दिख रहे हैं जिससे जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की लंबी फौज खड़ी है

हाई स्कूल की डिग्री लेने के बाद कुछ दिन नर्सिंग होम में वार्ड ब्याय का काम देखने वाले लोग जिले में क्लीनिक की दुकान खोल रहे हैं कुछ दिन दुकान चलने के बाद यह दुकान आलीशान नर्सिंग होम में तब्दील हो जाती है जिले में लगभग 1000 से अधिक झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक और नर्सिंगहोम बेखौफ तरीके से संचालित हो रही है बार-बार शिकायत के बाद भी किसी क्लीनिक नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कार्यवाही करते नहीं दिख रहे हैं जबकि दो दशक पूर्व शीर्ष अदालत ने झोलाछाप डॉक्टर अकुशल अनट्रेंड चिकित्सकों के क्लीनिक अस्पताल संचालन पर पूर्ण रोक लगाने का निर्देश दिया था लेकिन अधिकारी नहीं चेते दो दशक के बीच कौशांबी में झोलाछाप अकुशल अनट्रेंड चिकित्सकों के इलाज करने पर रोक नहीं लग सकी है मरीजों के इलाज के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूल कर कम पढ़े लिखे कथित डॉक्टर कुछ वर्षों में आलीशान बंगला लग्जरी कार के मालिक बन गए हैं लेकिन फिर भी स्वास्थ विभाग के अधिकारी अनजान बनने का ढोंग कर रहे हैं 

इसी तरह का एक मामला शुक्रवार को जिले में डीएम कार्यालय पहुँचा जहां करारी थाना क्षेत्र के फरीदनपुर गांव की दर्जनों महिलाओं ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि उनके गांव फरीदनपुर में कथित डॉक्टर अशोक मरीजों का इलाज कर रहा है जिसके पास किसी प्रकार की डिग्री नहीं है महिलाओं ने बताया कि यह क्लीनिक रजिस्टर्ड भी नहीं है फिर भी बेखौफ तरीके से इलाज में मरीजों का शोषण हो रहा है महिलाओं ने बताया कि इलाज में लूट मची हुई है पूर्व में झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक की सीएमओ से शिकायत की गई थी कोई कार्यवाही नहीं हुई जिस पर 12 जुलाई को फिर हलफनामा के साथ सीएमओ से शिकायत किया गया जिस पर क्लीनिक में मौजूद दवाएं कथितचिकित्सक हटा रहा था जिस पर मामले की शिकायत फिर सीएमओ और डायल 112 पुलिस को दी गई लेकिन उसके बाद भी झोलाछाप डॉक्टर की दुकान नहीं बंद हो सकी है महिलाओं का आरोप है कि इलाज में मनमानी बिल लगाया जाता है और जब मरीज के पास पैसा नहीं रहता तो उन्हें खेत बेचने रेहन रखने का दबाव बनाया जाता है इतना ही नहीं कुछ पैसा उधार हो गया तो उसको कुछ दिन बाद दिया जाता है तो उस पर सूदखोरी के तहत ब्याज वसूला जाता है महिलाओं ने चिकित्सक की गिरफ्तारी कराए जाने अवैध क्लीनिक को सील कराए जाने की मांग डीएम से किया है इस मौके पर कविता देवी सुनीता देवी गीता देवी नथनलाल लालती देवी गुलाहिया देवी रेखा देवी सविता देवी चंद्र कली सहित दर्जनों महिलाएं शामिल रही |

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