देश की नजर 17 मई को अदालत में पेश होने वाली ज्ञानवापी सर्वे की रिपोर्ट पर आम लोगों का नजरिया क्या सुप्रीम कोर्ट के 1991के फैसले को नजरअंदाज करेगी अदालत..? - शहरे अमन

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May 14, 2022

देश की नजर 17 मई को अदालत में पेश होने वाली ज्ञानवापी सर्वे की रिपोर्ट पर आम लोगों का नजरिया क्या सुप्रीम कोर्ट के 1991के फैसले को नजरअंदाज करेगी अदालत..?

#वाराणसी ब्यूरो: अतीक खान की रिपोर्ट: इन दिनों पूरे देश की निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पर टिकी है जहां चौक थाना क्षेत्र स्थित ज्ञानवापी मस्जिद व बाबा विश्वनाथ मंदिर है जो देश ही नहीं विदेश में भी विख्यात है इन दोनों धार्मिक स्थल पर प्रतिदिन हजारों पर्यटक व श्रद्धालु आते हैं किंतु बीते कुछ दिनों से इन श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई उसका कारण है अयोध्या के बाबरी मस्जिद जैसा विवाद अब ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर भी उत्पन्न हो गया जिसको लेकर एक याचिका दायर की गई मस्जिद का सर्वे कराने को लेकर जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए सर्वे कराने का दिया इसकी रिपोर्ट 17 मई को पेश करने को भी अदालत ने कहा अदालत के आदेशानुसार आज सुबह से सर्वे का कार्य शुरू हुआ जो दिन में 12:00 बजे तक चला इसके बाद सर्वे रुक गया सर्वे होते समय पुलिस कमिश्नर सतीश गणेश ने बताया कि अब सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है कल पुनः वीडियोग्राफी होगी इस बीच सर्वे के दौरान पूरी तरह से शांति व्यवस्था बनी रही तथा आसपास के क्षेत्र में भी पूरी तरह से अमनो अमान बरकरार रहा हमेशा की तरह दोनों वर्ग के लोग एक साथ खाते पीते नजर आए और दोनों वर्गो ने बताया कि बनारस हमेशा से दिलवालों का शहर रहा है और साड़ियों का शहर भी कहा जाता है यहां की साड़ी विदेश में भी प्रसिद्ध है और साड़ी की बिनाई तब होती है जब ताना-बाना मिलता है और काशी का ताना-बाना बिल्कुल वैसे ही है जैसे हिंदू और मुसलमान बगैर ताना-बाना मिले साड़ी नहीं बनती उसी तरह बिना हिंदू मुसलमान से मिले यहां की संस्कृति पूरी नहीं होती यह शहर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का है पंडित बिरजू महाराज का है और इसी शहर में एक से एक शख्सियत पैदा की है जिन्होंने अपने शहर का तो नाम रोशन किया है हिंदुस्तान का सर भी गर्व से ऊंचा किया जिन्हें ना हिंदू ना मुसलमान से पहचाना जाता बल्कि हिंदुस्तान की अजीम शख्सियत के रूप में प्रसिद्धि मिली यही कारण है कि बनारस से सदैव शांति का संदेश दिया गया और आज भी दिया जा रहा है जहां तक ज्ञानवापी मस्जिद का मसला है इसको लेकर कहीं किसी भी वर्ग में कोई मनमुटाव काशी में तो नहीं है आज भी मुस्लिम समुदाय के लोग गोदौलिया अस्सी घाट आदि धार्मिक स्थल पर घंटा दो घंटा बैठ एक दूसरे का दुख दर्द साझा कर रहे हैं और कल भी करते रहे फिलहाल अब लोगों की नजर अदालत में पेश होने वाली सर्वे रिपोर्ट पर है इसके बाद संभवत उच्च न्यायालय कोई दिशा निर्देश जारी करें। फिलहाल देश की करोड़ों जनता की नजर सर्वे रिपोर्ट अदालत में पेश होने के बाद अदालत के निर्णय पर है और आम लोगों का कहना है देखना है कि क्या उच्चतम न्यायालय के 1991 में दिए गए फैसले को नजरअंदाज करेगा इलाहाबाद उच्च न्यायालय..? या फिर बाबरी मस्जिद जैसे मसले पर आस्था की बुनियाद ज्ञानवापी मस्जिद पर भी बता कर दिया जा सकता है कोई फैसला..?
#GyanwapiMasjid #HighCourt #varanasi

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